कोलंबो, अगस्त 23 -- भारत के लिए रविवार को टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण करने वाले 320वें खिलाड़ी बनने तक सारांश जैन का सफर खुद पर भरोसा रखने और लगातार कड़ी मेहनत करने की प्रेरणादयक कहानी है क्योंकि उन्होंने लाल गेंद की क्रिकेट में अपनी गेंदबाजी सुधारने के लिए इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) का अनुबंध पाने का मौका भी छोड़ दिया।रेड बॉल क्रिकेट को दी तरजीह मध्य प्रदेश में जैन के कोच चंद्रकांत पंडित को अपने शिष्य के साथ हुई बातचीत याद है जिससे वह इस खिलाड़ी से काफी प्रभावित हुए थे। पंडित ने 'पीटीआई' से कहा, ''पिछले सत्र में उसने मुझसे कहा था कि वह अपने लाल गेंद के खेल पर ध्यान देना चाहता है। वह इसे लेकर बिल्कुल स्पष्ट था। ऐसा नहीं है कि वह सफेद गेंद से गेंदबाजी नहीं करना चाहता था या उसमें उसकी रुचि नहीं थी, लेकिन वह अपनी लाल गेंद की गेंदबाजी पर काम ...