सारंडा के 10 वन ग्राम को राजस्व का दर्जा नहीं मिलने से ग्रामीणों में आक्रोश
चाईबासा, मई 17 -- गुवा, संवाददाता। पश्चिम सिंहभूम के घने सारंडा जंगल में बसे 10 वैध वन ग्राम आज भी सरकारी उपेक्षा और प्रशासनिक उदासीनता का शिकार बने हुए हैं। दशकों से इन गांवों को राजस्व ग्राम में बदलने की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से हजारों आदिवासी ग्रामीण अपने मूलभूत अधिकारों से वंचित हैं। जानकारी के अनुसार, ये सभी वन ग्राम 1905 से 1927 के बीच वन विभाग द्वारा जंगल संरक्षण के उद्देश्य से बसाए गए थे। जनजातीय कार्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक झारखंड में कुल 14 वैध वन ग्राम हैं, जिनमें से 10 गांव केवल सारंडा क्षेत्र में स्थित हैं। यह भी पढ़ें- सारंडा के 10 वन ग्राम अब भी उपेक्षित, राजस्व दर्जा नहीं मिलने से ग्रामीणों में आक्रोश इसके बावजूद इन्हें आज तक राजस्व ग्राम का दर्जा नहीं दिया गया है। मनोहरपुर प्रखं...
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