बुलंदशहर, नवम्बर 19 -- बुलंदशहर। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में फर्जीवाड़े की लगातार शिकायतों के बाद शासन ने बड़ा कदम उठाया है। अब इस योजना के तहत होने वाले सामूहिक विवाह कार्यक्रमों में वर-वधू की बायोमीट्रिक परीक्षा अनिवार्य कर दी गई है। नई व्यवस्था के तहत विवाह में शामिल प्रत्येक जोड़े की पहचान बायोमीट्रिक हाजिरी से सत्यापित की जाएगी। शासनस्तर से स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि योजना में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सामूहिक विवाह समारोह में जिलाधिकारी (डीएम) स्वयं कार्यक्रमों की निगरानी करेंगे। यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारी व कर्मचारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रदेश सरकार ने सामूहिक विवाह योजना को और पारदर्शी बनाने के लिए नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब इस योजना के तहत होने वाले ...
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