गंगापार, जून 22 -- करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित राष्ट्रीय ग्रामीण योजना अंतर्गत निर्मित सामुदायिक विकास केन्द्र व उप स्वास्थ्य केन्द्र गिरधरपुर विकसित होने के बजाय उपेक्षा, लापरवाही तथा देखरेख के अभाव के चलते खंडहर होता जा रहा है। इस केंद्र के कीमती जमीन और भवन पर तमाम लोगों ने अवैध कब्जे कर रखा है। जिस भवन में सरकारी कर्मचारी और अधिकारी रहने चाहिए थे, जहां मरीजों का इलाज और विकासखण्ड के विकास की चर्चा होनी चाहिए थी, वहां आवारा मवेशियों, नशेड़ियों और अवैध कब्जा धारकों का डेरा जमा हुआ है। मांडा के गिरधरपुर ग्राम पंचायत के मांडा बरौंधा मार्ग तिराहे पर मुसहर बस्ती के समीप 17 मार्च 1987 को पूर्व प्रधानमंत्री राजा मांडा विश्वनाथ प्रताप सिंह के निर्देश पर तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार लोकपति त्रिपाठी ने उद्घाटन किया था। यह भी...