नई दिल्ली, जुलाई 16 -- दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार का आदेश रद्द करते हुए एक व्यक्ति को अनारक्षित श्रेणी के तहत नियुक्ति देने का निर्देश दिया। व्यक्ति का चयन कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से अवर श्रेणी लिपिक के तौर पर हुआ था। छत्तीसगढ़ में पोस्टिंग मिलने के बाद इस व्यक्ति को नोटिस प्राप्त हुआ कि उसने अन्य पिछड़ा वर्ग(ओबीसी) के तहत लाभ लिया है। जबकि वह जिस जाति से आता है वह हरियाणा राज्य में ओबीसी श्रेणी आती है। लेकिन केंद्र सरकार की आरक्षण सूची में वह शामिल नहीं है। इसलिए उसकी उम्मीदवारी रद्द की जाती है। न्यायमूर्ति सी हरीशंकर व न्यायमूर्ति विनोद कुमार की पीठ ने इस मामले को पलटते हुए केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि इस उम्मीदवार को अनारक्षित श्रेणी के तहत नियुक्ति दी जाए। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने कहा कि इस व्यक्ति ने ओबीसी के तहत न...