सामाजिक-सांस्कृतिक पदों पर धर्मांतरित आदिवासी नहीं बने रह सकते: निशा उरांव
गुमला, मई 15 -- गुमला, संवाददाता। आदिवासी समाज की पारंपरिक व्यवस्था,धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक पहचान के संरक्षण को लेकर शुक्रवार को जिले के पारंपरिक आदिवासी अगुओं ने समिति की संरक्षक निशा उरांव के नेतृत्व में उपायुक्त दिलेश्वर महतो को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से पारंपरिक सामाजिक व्यवस्था में बाहरी हस्तक्षेप रोकने तथा पांचवीं अनुसूची के अनुरूप ग्राम सभा व्यवस्था लागू करने की मांग की गई।
पारंपरिक व्यवस्थाओं की रक्षा इस बाबत संरक्षक निशा उरांव ने बताया कि आदिवासी समाज की पारंपरिक व्यवस्थाओं जैसे पड़हा,डोकलो सोहर व अन्य सामाजिक-सांस्कृतिक पदों पर धर्मांतरित आदिवासी नहीं बने रह सकते। प्रतिनिधियों का कहना है कि इन पदों से धार्मिक और सामाजिक दोनों प्रकार की जिम्मेदारियां जुड़ी होती हैं। धर्मांतरित व्यक्ति सामाजिक दायित्व निभा सकता है,लेक...
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