नई दिल्ली, सितम्बर 13 -- 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन के अंतिम दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसी देश का नाम लिए बिना वैश्विक मंच पर एक बेहद सख्त और रणनीतिक संदेश दिया। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मौजूदगी में पीएम मोदी ने तकनीक और क्रिटिकल मिनरल्स (दुरुह खनिजों/रेयर अर्थ) को हथियार की तरह इस्तेमाल करने के खिलाफ चेतावनी दी और कहा कि तकनीक के इस्तेमाल में समावेशिता होनी चाहिए, न कि किसी देश का एकाधिकार। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि तकनीक और महत्वपूर्ण खनिजों पर नियंत्रण कसने से दुनिया के साझा विकास और प्रगति की रफ्तार थम सकती है।शी जिनपिंग के सामने चीन के एकाधिकार पर तंज! भले ही प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में चीन का नाम नहीं लिया, लेकिन कूटनीतिक हलकों में इसे सीधे तौर पर बीजिंग के लिए संदेश माना जा रहा है। यह भी पढ़ें- BRICS...