नई दिल्ली, जून 22 -- बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को कहा कि साफ और पीने लायक पानी पाना एक मौलिक अधिकार है। कोर्ट ने राज्य में पानी की कमी पर चिंता जताई और सरकार से पूछा कि इस समस्या का समाधान कब तक किया जाएगा। जस्टिस ए. एस. गडकरी और जस्टिस कमल खाता की पीठ ने विदर्भ क्षेत्र के अमरावती जिले के आदिवासी मेलघाट इलाके में कुपोषण के कारण शिशुओं, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं की मौत के मामले से जुड़ी कई याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। सरकार ने सोमवार को बताया कि पीने के पानी के टैंकर समय-समय पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, लेकिन याचिकाकर्ताओं का कहना था कि सप्लाई अनियमित है। यह भी पढ़ें- साफ पानी पाना मौलिक अधिकार : बॉम्बे हाईकोर्ट इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि पानी के टैंकर उपलब्ध कराकर सरकार कोई 'एहसान' नहीं कर रही। कोर्ट ने कहा कि सरकार का यह ...