नई दिल्ली, मार्च 20 -- सुनीता नारायण,महानिदेशक, सीएसई दिल्ली, बिहार, उत्तर प्रदेश सहित देश के 19 राज्य अभी बारिश-तूफान की चपेट में हैं। साल 2026 के 'अल नीनो वर्ष' होने की आशंका पहले ही जताई जा चुकी है। इसका अर्थ है कि दिन और रातें अपेक्षाकृत अधिक गर्म होंगी, मानसून अनियमित रहेगा और बेमौसम व अनियमित बारिश जैसी चरम मौसमी घटनाएं अधिक होंगी। जाहिर है, यह उस प्राकृतिक संसाधन के लिए कठिन साल साबित हो सकता है, जिसके बिना जीवन की कल्पना संभव नहीं है। मैं यहां पर जल की बात कर रही हूं, जो जलवायु परिवर्तन और अन्य वजहों से बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इसकी उपलब्धता लगातार कम होती जा रही है और गुणवत्ता भी बिगड़ रही है। यह स्थिति तब है, जब भारत के शहरों को भविष्य में आज से अधिक पानी की दरकार होगी। यानी, जल की सुरक्षा के लिए हमें बहुत कुछ करने की आवश्यक...