आनंद सिन्हा, मार्च 26 -- सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने फूलन देवी की बहन रुक्मिणी देवी को महिला सभा की कमान सौंप कर निषाद समाज के वोटों को पार्टी में बनाए रखने का बड़ा दांव खेला है। उनके इस कदम को लोकसभा चुनाव 2024 की तरह निषाद समाज को मिशन-2027 मेंks p भी सपा के पाले में रखने की कवायद माना जा रहा है। कुछ उसी तर्ज पर जैसे सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने फूलन देवी को पार्टी में लाकर निषाद, केवट, बिंद और मल्लाह जातियों को बड़े पैमाने पर झोली में कर लिया था। सियासी जानकार इसे भाजपा द्वारा साध्वी निरंजन ज्योति को राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग का अध्यक्ष बनाकर निषाद समाज को संदेश दिए जाने की कोशिशों की काट के रूप में भी देख रहे हैं। सियासी जानकारों की मानें तो सपा काफी समय से निषाद पार्टी के डॉ. संजय निषाद को पाले में लाने के लिए डोरे डालती रही है। निषाद, ब...