सासाराम, जुलाई 25 -- परसथुआ, एक संवाददाता। अराधना से भागवत प्राप्ति व साधना से अलौकिक शक्ति को जागृति की जा सकती है। दोनों विधाओं से मानव कल्याण की जा सकती है। उक्त बातें शुक्रवार को शिव मंदिर में संत हरिनंदन जी महराज ने प्रवचन के दौरान कही। उन्होनें कहा कि अराधना सरल मार्ग है व साधना कठीन मार्ग परन्तु दोनों विधा से मनुष्य अपनी मुक्ति के साथ-साथ मानव कल्याण कर सकता है। ये दोनों विधाएं सनातन धर्म की पूंजी है। सनातन धर्म सबके कल्याण का सर्वोत्तम मार्ग है। वसुधैव कुटुम्बकम इसका सार है। इसके बताए मार्ग पर चलने वाले कभी दुखी नहीं होते ये सबसे पुरातन मार्ग है। साधना व अराधना करने वाले सदा मानव कल्याण करते हैं। इसमें पारंगत संत लोगों के हर कष्टों का अल्प समय में निवारण कर सकते हैं। साधना करने वाले काम, क्रोध, लोभ व मद पर विजय प्राप्त कर जन कल्या...