गोरखपुर, जनवरी 3 -- गोरखपुर। मुख्य संवाददाता। महानगर के तकरीबन सभी वार्डों में वॉटर लाइन और नालियां साथ गुजर रहीं हैं, जिससे पेयजल की शुद्धता पर अक्सर गंभीर खतरा खड़ा हो जाता है। क्षतिग्रस्त और पुरानी पाइपलाइन के जरिए नालियों का गंदा पानी वाटर सप्लाई में मिलने की आशंका लगातार बनी रहती है। इस खतरे की गंभीरता का अंदाजा इंदौर की घटना से लगाया जा सकता है, जहां सीवर लाइन से वाटर लाइन में दूषित पानी मिलने के कारण कई लोगों की मौत हो गई। समय रहते पुरानी पाइपलाइन की मरम्मत और नालियों से अलग करने का काम नहीं किया गया तो गोरखपुर में भी हालात चिंताजनक हो सकते हैं। आपके अपने अखबार 'हिन्दुस्तान' की पड़ताल में शुक्रवार को हड़हवा फाटक के पास कबीरनगर कॉलोनी में कुछ ऐसा ही नजारा दिखा। सुबह सप्लाई से आया पानी काला-मटमैला और दुर्गंधयुक्त था। कॉलोनी के लोगों ...
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