लद्दाख, अगस्त 14 -- एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने कहा कि 15 अगस्त आ रहा है और मुझे आपसे मदद चाहिए। वांगचुक ने कहा कि साथियों पिछले दिनों मैं जरा बीमार रहा और बिस्तर पर बैठा अपने देश के भविष्य के बारे में सोचता रहा। और जितना सोचता उतना ही निराश होता रहा। 50 साल पहले पड़ोसी देश जो हमसे पीछे थे या बराबर के थे, वो आज हमसे मीलों दूर निकल चुके हैं। बड़े देशों की बात न करें तो थाइलेंड, मलेशिया, इंडोनेशिया, यहां तक की श्रीलंका और बांगला देश भी हमसे आगे हैं। अगर प्रति व्यक्ति आय या जीडीपी की बात करें तो ये छोटे देश भी हमसे आगे हैं। अगर ऐसा ही चलता रहा तो 2047 में हम विकसित देश नहीं, बल्कि दुनिया के बाजार में मुंह दिखाने लायक भी नहीं रहेंगे। वांगचुक ने कहा कि एक तरफ मैं आप लोगों को मैं बधाई देना चाहता हूं कि आपने परिवर्तन चाहा, बदलाव चाहा। पिछले दो मह...