पूर्णिया, फरवरी 14 -- जलालगढ़, एक संवाददाता।वर्ष 2017 की विनाशकारी बाढ़ में क्षतिग्रस्त दादरघाट पुल आज भी अधूरा पड़ा है। सात साल बीत जाने के बाद भी पुल का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है जिससे क्षेत्र के लोगों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यह पुल जलालगढ़ प्रखंड मुख्यालय को पूरब के 50 से अधिक गांवों से जोड़ने के साथ-साथ अररिया और किशनगंज जाने का प्रमुख संपर्क मार्ग था। पुल टूटने के बाद लोगों को करीब 12 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। मजदूर, किसान, छात्र, सब्जी विक्रेता और छोटे कारोबारी सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। पहले जहां कुछ ही मिनटों में बाजार या मुख्यालय पहुंचा जा सकता था, अब घंटों का सफर तय करना पड़ता है। बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। नदी पार करने के लिए ग्रामीणों को फोम यानी थर्माको...