औरैया, जुलाई 21 -- विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम, औरैया की अदालत ने वर्ष 2017 के बहुचर्चित मारपीट व एससी-एसटी एक्ट के एक मामले में अहमद अली, इश्त्याक अली और ईशाक अली को सभी आरोपों से दोषमुक्त कर दिया। न्यायालय ने अपने निर्णय में कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे सिद्ध नहीं कर सका। गवाहों के बयानों में गंभीर विरोधाभास, चोट का कोई चिकित्सीय प्रमाण प्रस्तुत न किया जाना, पुलिस को शिकायत भेजने में हुई देरी और पूर्व रंजिश जैसे तथ्यों के कारण अभियोजन का मामला कमजोर पाया गया। ऐसे में आरोपितों को संदेह का लाभ देते हुए बरी किया गया। मामला दिबियापुर थाना क्षेत्र के ग्राम चपौली का है। परिवादी रमेशचंद्र ने न्यायालय में धारा 156(3) सीआरपीसी के तहत प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि सात जून 2017 की सुबह आरोपित उसके घर पह...