प्रतापगढ़ - कुंडा, मार्च 13 -- बेल्हा में सीएचसी पर एनएमए के पद पर नौकरी के साथ अपने गृह जनपद में शिक्षक का भी वेतन लेने वाले को कोर्ट ने सात साल की सजा सुनाई है। साथ ही वेतन रिकवरी का भी आदेश दिया है। बाराबंकी जनपद के सतरिख थाना क्षेत्र के नरौली गांव निवासी जयप्रकाश सिंह को 26 दिसंबर 1979 में सांगीपुर सीएचसी में नॉन-मेडिकल असिस्टेंट के पद पर तैनाती मिली। आरोप है कि 1993 में बेसिक शिक्षा विभाग बाराबंकी में शिक्षक के पद पर भी नौकरी हासिल कर ली। स्वास्थ्य विभाग को बगैर सूचना दिए एक साथ वह दोनों नौकरी करते रहे। दोनों जगह कागज पर ड्यूटी कर रहे थे। जय प्रकाश ने 2008 तक दोनों विभागों से वेतन लिया। खुलासा होने पर शिक्षा विभाग की ओर से बाराबंकी जिले में इनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई। अब बाराबंकी कोर्ट ने आरोपी को सात साल की सजा सुनाते हुए वेतन...