नई दिल्ली, सितम्बर 4 -- अनुभवी जजों के नौकरी छोड़ने की समस्या को रोकने और न्याय तक पहुंच को केवल एक सपना न रहने देने के मकसद से, सुप्रीम कोर्ट ने सात राज्यों को जजों की सेवानिवृत्ति उम्र 62 साल करने का निर्देश दिया है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने कहा कि इन सात राज्यों में जो जज इस साल 31 मार्च या उसके बाद सेवानिवृत्त हुए हैं, उन्हें न्यायिक सेवा में फिर से शामिल होने का विकल्प दिया जाएगा, बशर्ते उन्होंने इसके बाद कोई दूसरी नौकरी न ली हो। पीठ ने कहा कि छत्तीसगढ़, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, सिक्किम, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल को निर्देश दिया जाता है कि वे सर्विस नियमों में बदलाव करें और न्यायिक सेवा में सेवानिवृत्ति की उम्र 62 साल करें। इसके लिए संबंधित जज के 60 साल की उम्र ...