लखनऊ, मार्च 28 -- रिश्तों में बढ़ते टकराव और अलगाव का युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर पड़ रहा है। जो उन्हें हिंसा और आत्महत्या जैसे गंभीर कदमों की ओर धकेल रहा है। 10 से 19 वर्ष की उम्र की आयु वर्ग सबसे संवेदनशील है। इस उम्र में सात में एक युवा किसी न किसी मानसिक विकार से पीड़ित है। यदि समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो यह स्थिति और भयावह हो सकती है। यह बातें केजीएमयू मानसिक स्वास्थ्य विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. प्रभात सिठोले ने कही। शनिवार को रिवर बैंक कालोनी स्थित इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) भवन के प्रेक्षागृह में मानसिक स्वास्थ्य, रिश्तों में टकराव और युवा विषय पर कार्यशाला हुई। डॉ. प्रभात सिठोले ने कहा कि चार प्रतिशत युवाओं में आत्महत्या की प्रवृत्ति बढ़ी है। युवा शैक्षणिक दबाव, सोशल मीडिया के प्रभाव और व्यक्तिगत रिश्तों क...
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