अलीगढ़, जुलाई 30 -- अलीगढ़। कलम की जगह जिस उम्र में कॉपी-पेंसिल होनी चाहिए, उस उम्र में मासूमों के हाथों में हथौड़ा और तवा था। लेकिन, अलीगढ़ पुलिस की एएचटी थाना पुलिस ने इस साल ऐसे ही 111 बच्चों को फैक्ट्रियों-ढाबों की कैद से निकालकर स्कूल की राह दिखाई है। सिर्फ इतना ही नहीं, शादी के मंडप तक पहुंच चुकी आठ नाबालिग बेटियों की डोली भी समय रहते रुकवा दी गई। मानव तस्करी के खिलाफ विश्व दिवस पर अलीगढ़ के ये आंकड़े बता रहे हैं कि यहां किस तरह बचपन बचाने की लड़ाई लड़ी जा रही है। पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल जनवरी से अब तक जिले में 111 बच्चों को बाल श्रम से मुक्त कराया गया है। यह भी पढ़ें- विश्व मानव तस्करी विरोधी दिवस -सीमांचल बना मानव तस्करों का सॉफ्ट टारगेट ये बच्चे होटलों, दुकानों, वर्कशॉप और घरों में काम करने को मजबूर थे। एएचटीयू और एंट...