प्रयागराज, दिसम्बर 12 -- माघ मेले में सात सेक्टर बनाए जा रहे हैं, तो सात पांटून पुल भी। इसका कारण आयुर्वेद और योग के अनुसार ऊर्जा के सात चक्र होते हैं। जिसमें सहस्रार चक्र, आज्ञा चक्र, विशुद्धि चक्र, अनाहत चक्र, मणिपुर चक्र, स्वादिष्ठान चक्र व मूलाधार चक्र शामिल हैं। ये चक्र ही संधान चेतना का विकास करते हैं जो सनातन धर्म के अनुसार मोक्ष की प्राप्ति में कारक हैं। इन सभी चक्रों का संबंध इंद्रधनुष के सात रंगों से माना गया है। यही कारण है कि इस बार माघ मेले में इसका विशेष ध्यान रखा गया है। इंद्रधनुष के ये सात रंग मेले के अलग-अलग सेक्टरों और उनके स्वागत द्वार पर दिखाई देंगे। कल्पवास के माध्यम से त्याग, सात्विकता, पवित्रता, ब्रह्मचर्य, नियम, भक्ति, ध्यान और दान का अनुपालन करते हुए मोक्ष की प्राप्ति के लिए माघ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को सौ...
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