साढ़े सात माह से 'व्यवस्था' के भरोसे चल रहा कान्हा उपवन
गोरखपुर, जून 19 -- गोरखपुर। राजीव दत्त पाण्डेय निराश्रित गोवंशों के संरक्षण के लिए संचालित कान्हा उपवन का टेंडर 31 अक्तूबर 2025 को समाप्त हो गया, लेकिन नगर निगम अब तक नई निविदा जारी नहीं कर सका है। हैरानी की बात यह है कि पुरानी संस्था ही साढ़े सात माह से संचालन कर रही है। गोवंशों के भरण-पोषण पर यहां प्रतिदिन प्रति पशु सिर्फ 45 रुपये खर्च हो रहे हैं, जबकि नोडल विभाग पशुपालन अपनी अस्थायी गोशालाओं में 50 रुपये प्रति गोवंश खर्च कर रहा है। दूसरी ओर 2021 से खराब पड़ा गोबर गैस प्लांट और बारिश में जलभराव की समस्या भी कान्हा उपवन की बदहाल व्यवस्था की कहानी बयां कर रही है。 यह भी पढ़ें- कान्हा उपवन गोशाला में उजागर हुईं कमियां, तत्काल सुधार के निर्देशजनवरी के मामले जनवरी माह में मत्स्येंद्रनगर स्थित 'कान्हा उपवन' में निराश्रित गोवंश के साथ कथित क्रू...
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