नई दिल्ली, जुलाई 24 -- सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, ऐसे में इसकी गंभीरता और प्रभाव को देखते हुए इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता। शीर्ष अदालत ने साइबर ठगी के मामले में अलग-अलग राज्यों में दर्ज प्राथमिकी रद्द करने या एक साथ जोड़ने की मांग वाली याचिका खारिज करते हुए यह टिप्पणी की है। जस्टिस संजय करोल और ऑगस्टीन जॉर्जमसीह की पीठ ने कहा कि यह सही है कि सिर्फ इस बात से धोखाधड़ी की रकम का कुछ हिस्सा याचिकाकर्ता की कंपनी/ फर्म के बैंक खाते में ट्रांसफर किया गया था, यह साबित नहीं होता कि सभी घटनाएं एक ही लेन-देन का हिस्सा हैं। यह भी पढ़ें- साइबर ठगी को हल्के में नहीं लिया जा सकता- सुप्रीम कोर्ट हालांकि, पीठ ने कहा कि हम इस बात से भी वाकिफ हैं कि जांच अभी शुरुआती चरण में है और इस तरह की साइबर धोखाधड़ी ...