नई दिल्ली, अक्टूबर 29 -- सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि 'डिजिटल गिरफ्तारी और साइबर ठगी के पीड़ितों को मुआवजा देने के लिए बैंकों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। शीर्ष अदालत ने जोर देकर कहा कि बैंकों को ऐसे अपराध के शिकार हो सकने वाले ग्राहकों के लिए एक 'सुरक्षा कवच' की तरह काम करना चाहिए। सीजेआई ने कहा कि यह अदालत ऐसे निर्देशों पर विचार कर रही है जिनमें बैंकों द्वारा पीड़ितों को मुआवजा देने और उन पर केस चलाने की जरूरत हो, जहां बैंक अधिकारियों की लापरवाही की वजह से डिजिटल गिरफ्तारी के जरिए ठगी हुई हो। मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने स्वत: संज्ञान मामले की सुनवाई के दौरान सरकार से सवाल किया कि सेवानिवृत्त व्यक्ति के बैंक खाते से असामान्य रूप से बड़ी रकम निकाले जाने पर, नुकस...