गुड़गांव, सितम्बर 28 -- गुरुग्राम, गौरव चौधरी। गुरुग्राम की अतिरिक्त सत्र अदालत ने धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और साइबर ठगी से जुड़े अलग-अलग मामलों पर सुनवाई करते हुए बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने अपराधों की गंभीरता और जांच की आवश्यकता को देखते हुए आरोपियों की जमानत याचिकाओं को खारिज कर दिया है। अदालत ने साफ शब्दों में कहा कि साइबर और वित्तीय अपराध समाज के लिए गंभीर खतरा हैं, जिनसे सख्ती से निपटना आवश्यक है। फर्जी दस्तावेज पर कार बेचने वाले आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज

धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज मामले अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वर्षा जैन की अदालत ने 1.01 करोड़ रुपये की लग्जरी गाड़ी के को फर्जी कागजात के आधार पर बेचने के आरोपी चेतन गोयल की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया। एक कंपनी के निदेश की शिकायत पर कंपनी के प्रोपराइटर चे...