पूर्णिया, दिसम्बर 17 -- पूर्णिया, हिन्दुस्तान संवाददाता। निजी डाटा लीक करने के मामले में गिरफ्तार राकेश कुमार मंडल का आपराधिक यात्रा बहुत लम्बी नहीं है। वह साल भर से साइबर अपराध की दुनिया में सैर कर रहा था। इस साल भर के आपराधिक सफर को उसने इतने गुपचुप तरीके से तय किया कि इसकी भनक आसपास के लोगों को नहीं लगी। हालांकि एक राजमिस्त्री के घर के माली हालत में अचानक हो रही तरक्की से पड़ोसियों के कान जरूर खड़े हो रहे थे। इतना ही नहीं बीच- बीच में उसके घर पर लग्जरी गाड़ियां लगने लगी। इसने ग्रामीणों के शक को और गहरा दिया, जिसकी काना फूसी हो रही थी कि पुलिस ने राकेश के साइबर अपराध के गैम को ओवर कर दिया। बताया जाता है कि गैमिंग एप को सोशल मीडिया पर प्रोमोट करने के दौरान कमाई एवं हाई-फाई लोगों के संपर्क में आने से उसका लालच बढ़ता गया। जैसे ही गैमिंग एप...