लखनऊ, जून 3 -- लखनऊ में साइकिलिंग खिलाड़ियों के लिए बुनियादी सुविधाओं का गंभीर अभाव है। फिटनेस के लिए साइकिल चलाने वालों को भी सुरक्षित ट्रैक नहीं मिल रहा, जबकि प्रतिस्पर्धी खिलाड़ियों को रोज 30-35 किलोमीटर सड़क पर अभ्यास करना पड़ता है। कई बार हमें शहर से बाहर ऐसी सड़कों की तलाश करनी पड़ती है, जहां ट्रैफिक कम हो और सुरक्षित तरीके से प्रशिक्षण लिया जा सके। - अमन वाजपेयी, राष्ट्रीय साइकिलिंग खिलाड़ी यह भी पढ़ें- ईंधन संकट के बीच साइकिलिंग बनी सहारा, सड़कों पर ट्रेक न होने से बढ़ी मुसीबतसाइकिलिंग का संकट शहर में साइकिलिंग का खेल धीरे-धीरे खत्म होने की कगार पर पहुंच गया है। प्रतियोगिता स्तर की साइकलें बेहद महंगी हैं और छोटे खिलाड़ियों के लिए उन्हें खरीदना आसान नहीं है। दूसरी ओर, 10-12 साल की उम्र से प्रशिक्षण शुरू करने वाले बच्चों को अभ्यास क...