कुशीनगर, जनवरी 28 -- कुशीनगर। जनपद मुख्यालय स्थित मेडिकल कॉलेज के एल-2 में संचालित आईसीयू और गायनी के मरीजों को इलाज से पहले और उसके बाद तकलीफों से जूझना पड़ रहा है। वार्ड तक जाने में उनकी सांस फूलने लगती है, क्योंकि इसकी लिफ्ट महीनों से खराब है। परिजन प्रसव वाली महिलाओं को व्हीलचेयर या स्ट्रेचर पर लाद कर दूसरी व तीसरी मंजिल पर प्रसव कक्ष अथवा वार्ड में लेकर जाते हैं। इसी तरह सांस के बुजुर्ग अथवा क्रिटिकल मरीजों को भी चौथी मंजिल पर सीढ़ियों या रैंप से लेकर जाना पड़ता है। ऐसे में अंदाजा लगा सकते हैं कि मरीजों व तीमारदारों को कितना कष्ट झेलना पड़ता है। कोरोना काल के समय से मेडिकल कॉलेज के पांच मंजीला एल-2 को संचालित किया जा रहा है। कोविड काल में ही इसे एल-2 नाम दिया गया था, जहां जिले भर के कोरोना के मरीज भर्ती किए जाते थे। अब इसमें भूतल पर ...