जमशेदपुर, मार्च 19 -- सांसद विद्युतवरण महतो ने मंगलवार को नियम 377 के अंतर्गत हीमोफीलिया रोग का मामला उठाया। सांसद ने कहा कि यह एक लाइलाज रक्तस्राव संबंधी बीमारी है, जिसमें रोगी के शरीर में रक्त का थक्का बनने की क्षमता बहुत कम होती है। ऐसे रोगियों, विशेषकर बच्चों को सामान्य जीवन जीने के लिए जीवनभर फैक्टर-आठ आधारित उपचार की आवश्यकता होती है। हाल के वर्षों में फैक्टर-आठ मिमिक एमिसिज़ुमैब नामक औषधि आई है, जो त्वचा के नीचे महीने में केवल एक बार दी जाती है और इससे रक्तस्राव लगभग समाप्त हो जाता है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च ने भी इसे प्रभावी उपचार बताया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2025-26 में इस औषधि को आयात शुल्क और जीएसटी से मुक्त किया है। इसके बावजूद नेशनल हेल्थ मिशन के स्तर पर विशेषकर झारखंड में रोगियों को यह औषधि उपलब्ध न...