नई दिल्ली, जनवरी 27 -- राकेश सिन्हा,पूर्व सदस्य, राज्यसभा सांसद स्थानीय विकास निधि को लेकर इन दिनों एक वितंडा खड़ा करने की कोशिश की जा रही है। पिछले दिनों कुछ सांसदों के बारे में दावा किया गया कि उन्होंने इस मद का एक रुपया भी खर्च नहीं किया। इसी आधार पर कई लोग दलील दे रहे हैं कि इस योजना को ही खत्म कर देना जाना चाहिए, मगर सच यह है कि इसकी ऐसी उपयोगिता है, जिसकी विकास की अन्य योजना निधियों से तुलना नहीं की जा सकती। इसे व्यापक संदर्भ में देखने की आवश्यकता है। इसका कारण है। देश की आधारभूत संरचनाओं में प्रगति अब ठोस यथार्थ बन चुकी है। सड़क, पानी, बिजली, नाली, सीवर आदि जो कल तक स्थानीय लोगों की ज्वलंत समस्याएं हुआ करती थीं और लोग उसके समाधान की अपेक्षा सांसद-विधायक विकास निधि से रखते थे, वह बात अब प्रायः नहीं रही। पंचायत से लेकर जिले तक का बजट ...