मेरठ, अप्रैल 2 -- भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने बुधवार को राज्यसभा में शून्य काल के दौरान दवाओं की बढ़ती कीमतों और उनमें भारी अंतर के चलते आम जनता के हो रहे आर्थिक शोषण का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने सरकार से मांग की है कि दवाओं की कीमतों पर सख्त नियंत्रण लगाया जाए। डॉ. वाजपेयी ने सदन में इस बात पर हैरानी जताई कि बाजार में एक ही सॉल्ट वाली दवाओं की कीमतों में जमीन-आसमान का अंतर है। कहा कि एक ही सॉल्ट की एक गोली जहां 10 रुपये में उपलब्ध है, वहीं दूसरी कंपनी की उसी सॉल्ट की गोली 50 रुपये में बेची जा रही है। ​सांसद ने तर्क दिया कि चूंकि दवा का प्रभाव उसके सॉल्ट पर निर्भर करता है न कि उसकी कीमत पर, इसलिए कीमतों में इतना बड़ा अंतर अतार्किक और शोषणकारी है। वाजपेयी ने नर्सिंग होम और निजी अस्पतालों की कार...