गुड़गांव, मार्च 3 -- गुरुग्राम, वरिष्ठ संवाददाता। हरियाणा सरकार ने प्रदेश के शहरी निकायों के जनप्रतिनिधियों को बड़ी सौगात देते हुए उनके अधिकारों के दायरे में विस्तार किया है। अब सांसद और विधायकों की तर्ज पर नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिका के पार्षदों के पास भी अपना आपातकालीन फंड (इमरजेंसी फंड) होगा। लंबे समय से की जा रही इस मांग को स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री ने सोमवार को बजट में इसकी घोषणा की है। नए वित्त वर्ष से इस आपातकाल फंड की योजना को लागू किया जाएगा। सरकार ने पार्षदों को उनके वार्डों में छोटे लेकिन जरूरी कार्यों को तुरंत करवाने के लिए वित्तीय शक्तियां प्रदान कर दी हैं। प्रदेश सरकार द्वारा की गई घोषणा के अनुसार शहरी स्थानीय निकायों के स्तर के आधार पर फंड की राशि तय की गई है। इसमें नगर निगम के प्रत्येक पार्षद को सालाना 6 लाख रुपये...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.