मथुरा, अक्टूबर 1 -- रमणरेती स्थित वृंदावन शोध संस्थान में आयोजित सांझी महोत्सव के अन्तर्गत बुधवार को संस्थान परिसर स्थित संत रामकृष्णदास महाराज बाबा के तिरोभाव उत्सव के अवसर पर चैतन्य महाप्रभु महाभाव दर्शन पर आधारित रंग सांझी तथा ब्रज की सांझी परम्परा पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर डॉ. भागवतकृष्ण नांगिया ने पण्डित बाबा के जीवन चरित्र पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सिद्ध संतों की परम्परा में पण्डित बाबा का महत्वपूर्ण स्थान है। इस दौरान उन्होंने संत पण्डित बाबा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। आचार्य विभुकृष्ण भट्ट ने कहा जब महाप्रभु को राधा भाव, कृष्ण भाव और गोपी भाव का जागरण होता था, उस समय वह वाह्य शून्य हो जाते थे और आप नीलांचल को वृंदावन समझ कर हे कृष्ण, हे कृष्ण कहते हुए अक्सर समुद्र के किनारे बेसुध अवस्था में भ्रमण ...