सह-आरोपी को माफी मिलने का विरोध नहीं कर सकता दूसरा आरोपी: हाईकोर्ट
नई दिल्ली, जुलाई 12 -- नई दिल्ली, कार्यालय संवाददाता। दिल्ली उच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया है कि किसी आपराधिक मामले में सह-आरोपी के सरकारी गवाह बनकर माफी मांगने की अर्जी का विरोध करने का अधिकार दूसरे आरोपी को नहीं है। अदालत ने कहा कि आरोपी के पास ट्रायल के दौरान सरकारी गवाह बने सह-आरोपी से जिरह करने का पूरा अवसर होता है, ताकि उसके बयान की विश्वसनीयता पर सवाल उठाया जा सके। न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की पीठ ने फैसले में कहा कि दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 306 के तहत हर सह-आरोपी को सुनवाई का अधिकार नहीं दिया गया है। अदालत ने कहा कि माफी देने से सह-आरोपी को कोई सीधा नुकसान नहीं होता और इससे उसकी सजा तय नहीं होती।कोर्ट ने कहा कि जो आरोपी सरकारी गवाह बनता है, उसकी गवाही ट्रायल के दौरान ही जांची जाती है। उस समय अन्य आरोपी उससे जिरह कर उसक...
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