सही प्रबंधन से पीपीएच की 80 प्रतिशत मौत को टालना संभव
धनबाद, मई 17 -- प्रसव के बाद अत्यधिक रक्तस्राव यानी पोस्ट-पार्टम हेमरेज (पीपीएच) आज भी प्रसूताओं की मृत्यु का सबसे बड़े कारणों में शामिल है। हालांकि इसके सही प्रबंधन से इससे होने वाली मौत पर 80 प्रतिशत तक कमी लाई जा सकती है। यह कहना है धनबाद में जुटी देशभर की स्त्री रोग विशेषज्ञों का। ये सभी मटकुरिया में धनबाद सोसायटी ऑफ ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी के स्वर्ण जयंती वर्ष पर अयोजित दो दिवसीय वार्षिक सम्मेलन को संबोधित कर रही थीं। विशेषज्ञों ने कहा कि हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी की समय रहते पहचान, नियमित जांच और प्रशिक्षित चिकित्सकों की उपलब्धता से पीपीएच के कारण होने वाली मातृ मृत्यु दर में काफी कमी लाई जा सकती है। सम्मेलन में दिल्ली, नोएडा, अहमदाबाद, पुणे, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई, झारखंड और बिहार से पहुंचे करीब 300 स्त्री एवं प्रसूति रोग वि...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.