लखनऊ, दिसम्बर 13 -- लखनऊ-सहारनपुर। हिटी सहारनपुर में ईडी की कार्रवाई दूसरे दिन भी चलती रही। आरोपी विभोर राणा और उसके साथियों के घर से 125 फर्मों के दस्तावेज मिले। इनके जरिए ही रुपये की हेराफेरी की गई। वहीं औषधि विभाग ने शनिवार को इन आरोपियों की जीआर ट्रेडिंग की दो फर्मों के औषधि विक्रय के लाइसेंस निरस्त किए गए। एडी ड्रग की ओर से यह कार्रवाई औषधि निरीक्षक की रिपोर्ट और विभागीय जांच के आधार पर की गई। औषधि विभाग ने 15 नवंबर को इन फर्मों को कारण बताओ नोटिस जारी किया था, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। ड्रग इंस्पेक्टर द्वारा एडी ड्रग दीपा लाल को एसटीएफ की पूरी कार्रवाई की रिपोर्ट भेजी थी। विशाल ने वर्ष 2018 में एबॉट हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड की सुपर डिस्ट्रीब्यूशनशिप लेकर कोडीनयुक्त फेंसेडिल खांसी की दवा का अवैध कारोबार शुरू किया था। उसने और विभोर ...