सहारनपुर, अप्रैल 19 -- सहारनपुर, संवाददाता। एक तरफ युद्ध की तपिश से पूरा देश गैस संकट से जूझ रहा और एजेंसियों पर एलपीजी सिलेंडर के लिए लंबी कतारें लग रही हैं, वहीं सहारनपुर के बलियाखेड़ी ब्लॉक के गांव थरौली ने अलग ही मिसाल पेश की है। यहां अधिकांश परिवार गोबर गैस प्लांट के जरिए खाना बना रहे हैं और किसी को सिलेंडर के लिए लाइन में लगने की जरूरत नहीं पड़ी। शहर से करीब छह किलोमीटर दूर स्थित इस गांव में लगभग 40 से ज्यादा परिवार रहते हैं। ग्रामीणों के अनुसार पिछले 10 साल से गांव में लगातार बायोगैस प्लांट लगाए जा रहे हैं। अब करीब आधे से अधिक परिवार पूरी तरह गोबर गैस पर निर्भर हो चुके हैं, जबकि अन्य परिवार भी इसी दिशा में काम कर रहे हैं। यह भी पढ़ें- लखनऊ में आयोजित दुग्ध स्वर्ण महोत्सव में सम्मानित होते चंद्रप्रकाश ग्रामीणों का कहना है कि पिछले 3...