नई दिल्ली, सितम्बर 5 -- नई दिल्ली। प्रमुख संवाददाता जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने सहारनपुर कलेक्ट्रेट में स्थित एक प्राचीन मस्जिद को शनिवार प्रातः काल लगभग पांच बजे ध्वस्त किए जाने पर गहरे दुख और अफसोस का इजहार किया है। उन्होंने कहा कि इस घटना ने एक बार फिर देश के सामने यह बुनियादी सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या संविधान और कानून का पालन वास्तव में हर नागरिक और हर धर्म के लिए समान है? अगर संविधान सभी को बराबरी का अधिकार, धार्मिक स्वतंत्रता और कानून का समान संरक्षण देता है तो उसको वास्तविक लागू करने में यह दोहरा मापदंड क्यों दिखाई देता है? यह भी पढ़ें- क्या मुसलमानों के लिए संवैधानिक हक नहीं बचा? सहारनपुर मस्जिद पर बुलडोजर एक्शन से भड़के ओवैसीसंविधान की सर्वोच्चता मौलाना मदनी ने कहा कि सहारनपुर की घटना सिर्फ एक मस्जिद का मा...