सहारनपुर, जुलाई 17 -- प्रणव अग्रवाल। प्रदेश सरकार युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री युवा उद्योग योजना को मिशन मोड में चला रही है, लेकिन बैंकिंग व्यवस्था की सुस्ती इस महत्वाकांक्षी योजना की सबसे बड़ी बाधा बनती दिख रही है। 15 जुलाई 2026 तक प्रदेश में डेढ लाख लक्ष्य के सापेक्ष 1.13 लाख से अधिक आवेदन मिलने और 1.03 लाख आवेदन बैंकों को भेजे जाने के बावजूद केवल 24,128 मामलों में ऋण स्वीकृत हो सका, जबकि वास्तविक ऋण सिर्फ 23,082 युवाओं तक ही पहुंच पाया। यानी 1.50 लाख के लक्ष्य के मुकाबले मात्र 15.39 प्रतिशत ऋण वितरण हुआ। आंकड़े साफ संकेत दे रहे हैं कि हजारों युवाओं के स्वरोजगार का सपना बैंकिंग प्रक्रिया में अटका हुआ है। मुख्यमंत्री युवा उद्योग योजना के तहत प्रदेश में 1.50 लाख युवाओं को स्वरोजगार के लिए ऋण उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा ...