कानपुर, मार्च 29 -- कानपुर। गंगा समग्र कानपुर प्रांत की राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ दफ्तर केशव भवन में हुई बैठक में राष्ट्रीय संगठन मंत्री रामाशीष ने कहा कि संगम में खड़े होकर देखने में यमुना में अधिक और गंगा में कम पानी दिखता है। यह महज इस कारण कि यमुना में मिलने वाली सहायक नदियां निर्मल हैं, जबकि गंगा में मिलने वाली सहायक नदियां कहीं-कहीं अपना अस्तित्व खोती दिखती है। सहायक नदियों की निर्मलता से ही गंगा की धारा अविरल होगी। दूसरी चिंता की बात यह है कि घरों में टॉयलेट फ्लश और आरओ से रोज 200-300 लीटर पानी बर्बाद होता है। एक लीटर आरओ पानी निकालने पर 12 लीटर पानी बर्बाद होता है और यही हाल एक बार फ्लश करने पर कम से कम 10 लीटर पानी बर्बाद होता है। अधिक दोहन होने से निरंतर जल स्तर गिर रहा है। जल बिना जीवन की कल्पना संभव नहीं है। दीप प्रज्वलित, मां ग...