सहानुभूति सबूत का विकल्प नहीं, संदेह का लाभ आरोपी को मिलेगा: हाईकोर्ट
प्रयागराज, जुलाई 21 -- प्रयागराज, विधि संवाददाता। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हमीरपुर के एक पॉक्सो मामले में 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा काट रहे 80 वर्षीय आरोपी स्वामीदीन को बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि बच्चे के साथ यौन अपराध के मामलों में पीड़िता का बयान महत्वपूर्ण होता है, लेकिन यदि उसमें गंभीर विरोधाभास, सुधार और संदेह हों तो केवल सहानुभूति के आधार पर दोषसिद्धि नहीं की जा सकती। आपराधिक मामलों में आरोप संदेह से परे साबित होना आवश्यक है। यह भी पढ़ें- सहानुभूति सबूत का विकल्प नहीं, संदेह का लाभ आरोपी को मिलेगा, हाई कोर्ट ने 80 साल के आरोपी को किया बरीअदालत का आदेश न्यायमूर्ति संतोष राय ने विशेष पॉक्सो न्यायालय, हमीरपुर के 9 और 10 दिसंबर 2025 के दोषसिद्धि एवं सजा के आदेश को निरस्त करते हुए आरोपी को आईपीसी की धारा 376-ए बी और पॉक्सो अधिनियम की ...
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