भागलपुर, जून 11 -- सोनवर्षा राज से अनुज कुमार सिंह रसोई गैस की किल्लत के बीच ग्रामीण क्षेत्रों में लोग जलावन और मवेशियों के चारे के लिए मक्के के सूखे डंठलों का बड़े पैमाने पर संग्रह कर रहे हैं। खेतों से काटकर लाए गए डंठलों को सड़क किनारे जमा किया जा रहा है तथा बारिश से बचाने के लिए प्लास्टिक से ढका जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि गैस की अनियमित उपलब्धता के कारण वे पारंपरिक विकल्पों पर निर्भर हो रहे हैं। मक्के के डंठल लंबे समय से जलावन और पशु चारे के रूप में उपयोग किए जाते रहे हैं। तेज धूप के कारण डंठल तेजी से सूख रहे हैं, जिससे इनके संग्रहण में भी तेजी आई है। हालांकि सड़क किनारे लगाए जा रहे इन ढेरों से कई समस्याएं भी उत्पन्न हो रही हैं। वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी हो रही है, वहीं आबादी वाले क्षेत्रों में रखे सूखे डंठलों में आग लग...