भागलपुर, मार्च 21 -- सिमरी बख्तियारपुर । एक प्रतिनिधि अनुमंडल क्षेत्र में शुक्रवार की संध्या आई तेज आंधी और मूसलाधार बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी। अचानक बदले मौसम ने हजारों एकड़ में लगी मकई और गेहूं की फसल को बर्बाद कर दिया, जिससे किसानों के सामने आर्थिक संकट गहरा गया है। सबसे अधिक नुकसान मकई की फसल को हुआ है, जो पूरी तरह चौपट हो गई है। कोसी क्षेत्र में पीला सोना के नाम से प्रसिद्ध मकई किसानों की मुख्य नगदी फसल मानी जाती है। गेहूं के समान मूल्य मिलने और अधिक उत्पादन के कारण किसान बड़े पैमाने पर इसकी खेती करते हैं। तैयार फसल को बेचकर किसानों को तुरंत नकद राशि मिल जाती है, जिससे उनकी आजीविका चलती है। सिमरी बख्तियारपुर, सलखुआ और बनमा इटहरी प्रखंड में मकई की खेती बड़े स्तर पर की जाती है। आंधी- बारिश के बाद खेतों में गिरी फसल देख किसान मायू...
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