बरेली, जनवरी 20 -- पारदर्शिता लाने और गोलमाल पर अंकुश लगाने के लिए साधन सहकारी समितियां के कंप्यूटराइजेशन का काम तीन वर्ष पूर्व शुरू हुआ था। अभी तक पूरे प्रदेश में केवल बरेली, बदायूं, लखीमपुर खीरी और फतेहपुर ही शत प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त कर पाए हैं। पूरे प्रदेश में 3062 समितियों के सापेक्ष 954 का ही कंप्यूटराइजेशन हुआ है। 'सहकार से समृद्धि' के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए साधन सहकारी समितियों का कंप्यूटरीकरण शुरू किया गया। इसमें समितियों को कंप्यूटर, वेबकैम, प्रिंटर और बायोमेट्रिक डिवाइस जैसे हार्डवेयर दिए जा रहे हैं। इनके लिए एक राष्ट्रीय एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ईआरपी) आधारित सॉफ्टवेयर विकसित किया जा रहा है। इसका लक्ष्य एक डिजिटल इकोसिस्टम बनाना है, जो लेन-देन को पारदर्शी रखेगा। इससे रिकॉर्ड रखने में आसानी के साथ-साथ ऑडिटिंग भीसरल ह...