लखनऊ, जुलाई 14 -- उत्तर प्रदेशम में 15 लाख से ज्यादा बिजली उपभोक्ताओं को राहत के लिए कदम आगे बढ़ा दिया गया है। बिना सहमति के राज्य के 47 लाख उपभोक्ताओं का बिजली भार बढ़ाए जाने के आदेश को नियामक आयोग में चुनौती दी गई है। साथ ही गरीब उपभोक्ताओं को रियायती बिजली के दायरे में बनाए रखने के लिए कानून में बदलाव का प्रस्ताव भी दाखिल किया गया है। 47 लाख में से लगभग 15 लाख उपभोक्ता बिजली भार बढ़ने की वजह से रियायती बिजली के दायरे से बाहर हो गए हैं। प्रदेश में एक किलोवॉट बिजली भार के साथ महीने में 100 यूनिट तक बिजली इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं को रियायती दर (तीन रुपये प्रति यूनिट) पर बिजली मिलती है। इस दर पर इन्हें बिजली उपलब्ध करवाने के लिए सरकार पावर कॉरपोरेशन को सब्सिडी देती है। जुलाई में जब पावर कॉरपारेशन ने 47 लाख उपभोक्ताओं का बिजली भार बढ़ा...