देहरादून, अप्रैल 22 -- देहरादून। लिवर के मरीजों के लिए होने वाली जीजीटी जांच ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बताएगी। वहीं, सस्ती सीबीसी और सीआरपी जांच से सांस के मरीजों की बीमारी सीओपीडी भी गंभीरता का पता डॉक्टरों को समय रहते लग जाएगा। दून मेडिकल कॉलेज के दो डॉक्टरों के 250 मरीजों पर डेढ़ साल तक चले शोध में यह सफलता मिली है। एमआरआई, सीटी स्कैन और प्रोकैल्सिटोनिन जैसी महंगी जांच के इंतजार में गंभीर मरीजों का उपचार नहीं रुकेगा। जीजीटी जांच 53 रुपये, सीबीसी 135 एवं सीआरपी 100 रुपये की है। जीजीटी का स्तर बढ़ने से खतरा 3.7 गुना ज्यादापीजी चिकित्सक डॉ. प्रशांत कुमार सिंह ने एचओडी डॉ. विवेकानंद सत्यवली, डॉ. हरीश बसेड़ा और डॉ. विजय भंडारी के निर्देशन में स्ट्रोक के 130 मरीजों पर शोध किया। यह भी पढ़ें- मैमोग्राफी से महिलाओं में पता लगेगा हृदय रोग का खतरा पा...