फिरोजाबाद, जुलाई 11 -- रति ने शादी के बाद अपनी हंसी खुशी वाली जिंदगी के सपने संजोए थे। उसके साथ मारपीट और उत्पीड़न के बाद लगा कि अब बच्चा हो गया है तो पति और ससुरालियों के व्यवहार में बदलाव आएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पति की मारपीट ने उसको तोड़ दिया और अलग बच्चे के साथ जिंदगी बिताने की उसने सोच ली। इसीलिए मां के साथ ससुराल से जब मायके आई तो तलाक लेने की ठान ली। ससुराल के उत्पीड़न और खुद की जिंदगी जीने की सोच के बीच विराज मददगार बनकर आया और जिंदगी को उजाड़कर रख दिया। रति निवासी बामई अरांव की शादी सुमित उर्फ प्रियंक निवासी सियाराम नगर बदायूं के साथ होने के बाद उसके साथ अक्सर पति द्वारा मारपीट की जाती। ससुरालियों द्वारा ताने मारे जाते। रति ने बताया था कि उसके ससुराल वाले उसका काफी उत्पीड़न करते थे। उसको बांधकर मारते थे। रति जब अपने मायके आ गई थ...