कुशीनगर, अप्रैल 15 -- कुशीनगर। बुद्ध और महावीर के सांस्कृतिक धरती पर आयोजित होने वाला लोकरंग बीते 19 वर्षों में लोकजीवन, लोकसंस्कृति और जनपक्षधर विमर्श का एक सशक्त और विश्वसनीय मंच बनकर उभरा है। अपने निरंतर और प्रतिबद्ध सांस्कृतिक अभियान के दौरान लोकरंग ने अनेक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व के पड़ाव तय किए हैं, जो इसे केवल एक आयोजन नहीं बल्कि एक सांस्कृतिक आंदोलन का स्वरूप प्रदान करते हैं।इस आयोजन में देश के प्रतिष्ठित बुद्धिजीवियों, साहित्यकारों और कलाकारों की गरिमामयी उपस्थिति रही है। प्रो. मैनेजर पाण्डेय पांच बार इस आयोजन में शामिल होकर उद्घाटन कर चुके हैं तथा विभिन्न गोष्ठियों की अध्यक्षता भी कर चुके हैं। यह भी पढ़ें- अखंड हरिनाम संकीर्तन का आयोजन इसके अतिरिक्त प्रो. रविभूषण, प्रो. केदारनाथ सिंह, पंकज बिष्ट, आनंद स्वरूप वर्मा, गौहर...