नई दिल्ली, सितम्बर 25 -- इंट्रो::आईआरडीएआई ने बीमा वितरण में भ्रामक बिक्री और कर्ज के साथ जबरन बीमा जोड़ने पर रोक के लिए कई प्रस्ताव दिए हैं। इनमें कर्ज की मंजूरी को बीमा खरीदने से अलग करना, बीमा का प्रीमियम अलग से ग्राहक से लेना और ग्राहक को बीमा कंपनी चुनने की स्वतंत्रता देने जैसे प्रावधान शामिल हैं। क्या बैंक अब कर्ज देने के लिए बीमा खरीदना जरूरी कर सकता है? यह भी पढ़ें- IRDAI ने 'धुरंधर' ही नहीं, इस 'छोटकू' की भी लगाई लंका, शेयर 2 दिन में 38% तक लुढ़केबीमा खरीदने की अनिवार्यता -प्रस्ताव लागू होने पर बैंक या एनबीएफसी कर्ज की मंजूरी को बीमा खरीदने की अनिवार्य शर्त नहीं बना सकेंगे। यानी होम लोन, कार लोन या अन्य कर्ज लेते समय ग्राहक पर जबरन बीमा थोपने की गुंजाइश कम होगी। यह भी पढ़ें- तैयारी: कर्ज के साथ बीमा बेचने का खेल होगा खत्मबीमा कंप...