दरभंगा, दिसम्बर 31 -- उन्होंने आरोप लगाया कि कहीं से इंसाफ नहीं मिलने से परेशान मां ने बेटे के वियोग में सल्फास की गोली खाकर अपनी जान दे दी। उन्होंने बताया कि तबीयत खराब होने पर पहले उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां से उन्हें डीएमसीएच रेफर कर दिया गया था। डीएमसीएच में उनकी मौत हो गई। बता दें कि गत सात अक्टूबर की शाम में निजी स्कूल के छात्रावास में कश्यप का शव फंदे से लटका मिला था। उसकी मां एक दुकान में काम करती थी। इस घटना के विरोध में लोगों ने हंगामा भी किया था। मामले में बहादुरपुर थाने में अज्ञात लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित...