गाजियाबाद, मार्च 30 -- कुरीतियां के खिलाफ बोलने वाले सलीम वास्तिक अस्पताल से घर पहुंच चुके हैं। वह अभी भी बोल नहीं पा रहे। उन्होंने लिखकर बताया कि गला ही कटा है, जान तो नहीं गई। डरा नहीं हूं और ज्यादा मजबूत हुआ हूं। अली गार्डन कॉलोनी में 27 फरवरी को दो सगे भाइयों जीशान और गुलफाम ने सलीम वास्तिक पर हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया था। जानलेवा हमले के बाद करीब 26 दिनों तक अस्पताल में रहे। गले में इतना गहरा घाव हुआ था कि वह अभी भी बोल नहीं पा रहे।पाकिस्तान से मिली थी धमकी रविवार को उन्होंने अपने घर पर लिखकर बताया कि गला ही तो कटा है, जान अब भी है। अब पहले से ज्यादा मजबूती के साथ कट्टरवाद का विरोध करूंगा। जल्द ही उनका वीडियो लोगों तक पहुंचेगा। उन पर जानलेवा हमला होगा, इसका आभास उनको 15 दिन पहले से था। पाकिस्तान से धमकी मिली थी, लेकिन ...